ChatGPT से IPL की फर्जी टिकट बनाकर खपाने वाले दुर्ग के चार जालसाज गिरफ्तार

दुर्ग: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आईपीएल मैचों के दौरान फर्जी टिकटों का काला कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लखनऊ की साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चार युवकों को गिरफ्तार किया है। इन शातिर ठगों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ChatGPT) और ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर की मदद से हूबहू नकली टिकट तैयार किए थे।

ऑनलाइन भुगतान से फंसी गर्दन डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में डिजिटल ट्रांजेक्शन सबसे अहम कड़ी साबित हुई। दरअसल, जालौन निवासी पीड़ित प्रदीप सिंह ने स्टेडियम के बाहर इन युवकों से दो टिकट खरीदे थे, जिसका भुगतान उन्होंने UPI के माध्यम से किया था। जब गेट पर स्कैनिंग के दौरान टिकट फर्जी पाए गए, तो पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसी UPI ट्रांजेक्शन को ट्रेस करते हुए दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चारों आरोपियों को दबोच लिया।

यूं रची गई साजिश: AI और YouTube का लिया सहारा पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया से असली टिकटों की फोटो डाउनलोड करते थे। इसके बाद गिरोह का सदस्य विश्वजीत साहू, जिसने YouTube और कोचिंग से 2D/3D डिजाइनिंग सीखी थी, CorelDRAW पर नकली टिकट तैयार करता था। टिकट की डिजाइन, सही साइज और पेपर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने ChatGPT का उपयोग किया।

आर्थिक तंगी बनी अपराध की वजह पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में श्रीकांत बोरकर (मास्टरमाइंड), नूतन कुमार साहू (डिप्लोमा धारक), राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू शामिल हैं। मास्टरमाइंड श्रीकांत स्नातक है और कार वॉशिंग का काम करता था। आरोपियों ने कबूल किया कि नया व्यवसाय शुरू करने के लिए पैसों की कमी के चलते उन्होंने कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लिए यह रास्ता चुना।

दिल्ली में फेल हुए, लखनऊ में सफल जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी फर्जी टिकट बेचने का प्रयास किया था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण वहां सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने अपनी तकनीक में सुधार किया और लखनऊ को निशाना बनाया। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में फर्जी टिकट, लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड और प्रिंटिंग सामग्री बरामद की है।

प्रमुख बिंदु:

  • बरामदगी: लैपटॉप, प्रिंटिंग सामग्री, मोबाइल और फर्जी टिकट।
  • पकड़े गए आरोपी: श्रीकांत बोरकर, नूतन साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत (सभी दुर्ग, छत्तीसगढ़ निवासी)।
  • तकनीक: ChatGPT और CorelDRAW का उपयोग।