सुशासन तिहार में प्रशासनिक दावों पर भड़के सांसद भोजराज नाग, बोले- बालोद अब भी विकास से कोसों दूर

बालोद। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद जिले के मटिया में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक उपलब्धियों की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन इसी दौरान कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने मंच से ही प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए।

सांसद भोजराज नाग ने कलेक्टर की मौजूदगी में कहा कि बालोद जिले का बजट पर्याप्त होने के बावजूद विकास की स्थिति बेहद कमजोर है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि “बालोद की हालत बस्तर से भी पिछड़ी नजर आती है, फिर अधिकारी आखिर किस बात की वाहवाही लूट रहे हैं।” सांसद के इस बयान के बाद कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर माहौल शांत हो गया।

इस दौरान गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने भी प्रशासनिक आंकड़ों की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आवेदन निराकरण के जो आंकड़े प्रस्तुत किए जा रहे हैं, वे वास्तविकता से मेल नहीं खाते। प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर कितने आवेदनों का वास्तविक निराकरण हुआ है।

मीडिया से चर्चा करते हुए सांसद भोजराज नाग ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से जनता से फीडबैक लेने और शासन-प्रशासन के कार्यों का मूल्यांकन करने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर केवल घोषणाएं ही दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविरों का उद्देश्य आम जनता को राहत देना है, मगर कई समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं।

शिविर में प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों के आवेदनों के निराकरण के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त 870 आवेदनों में से 858, समाज कल्याण विभाग के 98 में से 98, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 158 में से 149 तथा खाद्य विभाग के 47 में से 46 आवेदनों के निराकरण का दावा किया गया। वहीं ऊर्जा विभाग को प्राप्त 81 आवेदनों में केवल 26 तथा कृषि विभाग के 37 में से 18 आवेदनों का निराकरण किया गया।

प्रशासन के अनुसार शिविर में कुल 1556 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1390 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया।