अंबिकापुर: जिले के दूरस्थ एवं पहाड़ी कोरवा बस्तियों में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इन इलाकों में अब कुल 113 हैंडपंप और बोरवेल की खुदाई की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को दूर-दराज़ से पानी लाने की परेशानी से निजात मिलेगी।

हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले की पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार की सभी योजनाओं, विशेषकर मूलभूत जरूरतों से जुड़ी सुविधाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सरगुजा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष अजीत वसंत ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि एक माह के भीतर सभी 113 हैंडपंप और बोरवेल का कार्य पूर्ण किया जाए।

जानकारी के अनुसार, स्थलीय सर्वे पहले ही पूरा किया जा चुका है। इसमें लुण्ड्रा में 34, बतौली में 06, लखनपुर में 22, अंबिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 और उदयपुर में 04 स्थानों पर हैंडपंप एवं बोरवेल की खुदाई की जाएगी। यह कार्य डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) निधि से कराया जाएगा।

24 अप्रैल को हुई जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित अन्य सदस्यों की सहमति से इस कार्य को मंजूरी दी गई थी।

कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देश दिए हैं कि हैंडपंप और बोरवेल का कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा कराया जाए, ताकि दूरस्थ एवं पहाड़ी कोरवा बस्तियों में जल्द से जल्द स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री साय की इस पहल से जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या से हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।