दुर्ग। जमीन के बंटवारे के लिए 45 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर पर निलंबन की गाज गिरी है। रिश्वत लेते हुए पटवारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर एसडीएम ने मामले की जांच की, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर ने अपने बयान में इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने पक्षकार की माता से पैसे लिए थे। हालांकि, उन्होंने यह तर्क भी दिया कि वायरल वीडियो में वह वेतन मिलने के बाद पैसे वापस करने की बात कह रहे थे।

पटवारी को किया निलंबित

जांच रिपोर्ट के आधार पर भिलाई-3 के एसडीएम महेश सिंह राजपूत ने पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जमीन के बंटवारे के बदले रिश्वत लेना और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 और नियम-14 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसे कदाचार की श्रेणी में माना गया है।

निलंबन की अवधि के दौरान पटवारी ठाकुर का मुख्यालय तहसील कार्यालय अहिवारा तय किया गया है। नियमानुसार, उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।