Sukma Tadmetla Attack मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी आरोपितों को राहत दी है। कोर्ट ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसियां आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और कानूनी रूप से मान्य साक्ष्य पेश नहीं कर सकीं।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की कि केवल शक के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

बता दें कि 6 अप्रैल 2010 को सुकमा जिले के ताड़मेटला जंगल में माओवादियों ने सीआरपीएफ और पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में 75 सीआरपीएफ जवान और एक पुलिसकर्मी समेत कुल 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने कई ग्रामीणों के खिलाफ हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।