जनकपुर में तेंदुए का खूनी तांडव: घर के बाहर खड़े बुजुर्ग को बनाया शिकार, दहशत में ग्रामीण
अंबिकापुर | संवाददाता छत्तीसगढ़ के एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले से रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। जनकपुर वन मंडल के ग्राम पंचायत डोगरीटोला में एक आदमखोर तेंदुए ने 80 वर्षीय बुजुर्ग को अपना निवाला बना लिया। इस हृदय विदारक घटना के बाद से पूरे वनांचल क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
घात लगाकर बैठे शिकारी ने किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार (5 मई) की रात करीब 10 बजे कुवांरे सिंह (80) किसी काम से अपने घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उन पर हमला बोल दिया। जब बुजुर्ग काफी देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों के साथ मिलकर शुरू की गई खोजबीन के दौरान घर से महज 150 मीटर की दूरी पर उनका लहूलुहान शव बरामद हुआ।
पंजों के निशान ने की पुष्टि
सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग का अमला दलबल के साथ मौके पर पहुँचा। वन परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश कुमार साहू ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शव पर मिले गहरे जख्म और जमीन पर उभरे पंजों के निशान स्पष्ट करते हैं कि यह हमला किसी तेंदुए ने ही किया है। विभाग ने अधिकारिक तौर पर तेंदुए के हमले की पुष्टि कर दी है।
दहशत के साये में डोगरीटोला
इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। डोगरीटोला और आसपास के गांवों में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीण सहमे हुए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और हिंसक वन्यजीवों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
प्रशासन की अपील: पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, वन विभाग ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे रात के समय अकेले बाहर न निकलें और बच्चों व मवेशियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
जागरण विशेष: रिपोर्ट के प्रमुख पहलू
- सटीक शीर्षक: 'खूनी तांडव' और 'दहशत' जैसे शब्दों से घटना की गंभीरता को दर्शाया गया है।
- घटना का विवरण: समय, स्थान और बुजुर्ग की उम्र का स्पष्ट उल्लेख।
- प्रशासनिक रुख: वन अधिकारी की पुष्टि और सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की मांग को प्रमुखता दी गई है।








