बिलासपुर। सत्ता के प्रभाव और राजनीतिक दबाव के बीच न्यायधानी में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने प्रशासनिक सख्ती को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक ओर जहां सत्ताधारी दल के नेताओं का प्रभाव देखने को मिलता है, वहीं कुछ अधिकारी नियम-कानून से समझौता करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। ऐसा ही मामला सोमवार को नगरीय निकाय उपचुनाव के दौरान सामने आया।
जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक 29 में पार्षद पद के उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने पहुंचा था। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता कार्यालय के भीतर पहुंच गए। भीड़ देखकर मौजूद महिला अधिकारी ने निर्वाचन नियमों का हवाला देते हुए सभी को बाहर जाने के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि केवल पांच लोगों की मौजूदगी में ही नामांकन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पीछे हटना पड़ा।








