बिलासपुर के कोटा स्थित सरकारी शराब दुकान के बाहर शराब की ब्लैक मार्केटिंग का मामला सामने आया है। देसी शराब का क्वार्टर 200 रुपये में बेचे जाने का दावा किया जा रहा है। इस अवैध कारोबार में आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश की डिस्टलरी से बिलासपुर समेत राज्यभर की करीब 800 शराब दुकानों में सप्लाई की जाती है। 1 अप्रैल से शराब की पैकेजिंग पीईटी प्लास्टिक बोतलों में करने का आदेश लागू होने के बाद पर्याप्त बोतलों की व्यवस्था नहीं हो सकी। इसका असर शराब उत्पादन और सप्लाई पर पड़ा है।
बताया जा रहा है कि कई दुकानों में मांग के मुकाबले काफी कम स्टॉक पहुंच रहा है। हालात ऐसे हैं कि दुकानों में उपलब्ध शराब कुछ ही घंटों में खत्म हो जा रही है।
शराब की कमी का असर देसी और अंग्रेजी दोनों तरह की शराब पर देखने को मिल रहा है। वहीं, अंग्रेजी शराब के दाम बढ़ने और बीयर की मांग में इजाफा होने की भी बात सामने आ रही है।








