बड़े राज्यों से आगे छत्तीसगढ़: हर साल 38 MBBS सीटें केंद्र को, स्टेट कोटे पर बढ़ा दबाव
रायपुर। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार के बावजूद छत्तीसगढ़ में स्थानीय छात्रों के लिए एमबीबीएस की सीटों पर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य को हर वर्ष अपनी 38 एमबीबीएस सीटें केंद्र सरकार को ऑल इंडिया कोटे के तहत देनी पड़ रही हैं, जिससे स्टेट कोटे की सीटों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में मेडिकल सीटों की संख्या सीमित होने के कारण इसका सीधा असर स्थानीय विद्यार्थियों के अवसरों पर पड़ रहा है। राज्य के छात्रों को कम सीटों में अधिक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ऑल इंडिया कोटे के जरिए अन्य राज्यों के विद्यार्थियों को भी प्रवेश मिल रहा है।
मेडिकल शिक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेज खुलने के बावजूद सीटों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्टेट कोटे की सीटें कम होने से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।








