पेंड्रा में ऐतिहासिक धरोहर: 500 साल पुरानी हस्तलिखित 'श्रीमद्भागवत गीता' समेत कई दुर्लभ पांडुलिपियां मिलीं
पेंड्रा (जीपीएम)। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के 'ज्ञानभारतम' राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। सर्वेक्षण टीम ने क्षेत्र के प्राचीन और धार्मिक स्थलों से दुर्लभ पांडुलिपियों का संकलन किया है।
पंडित मोहन दत्त शर्मा व राजा उपेंद्र सिंह के घर मिला खजाना अभियान के तहत पेंड्रा की पुरानी बस्ती (वार्ड क्रमांक चार) निवासी पंडित मोहन दत्त शर्मा और जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह के निवास पर प्राचीन ग्रंथों का भंडार मिला है। इन घरों से 200 से लेकर 500 वर्ष तक पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं।
कलेक्टर ने किया नमन, डिजिटल संरक्षण शुरू कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन की उपस्थिति में इन पांडुलिपियों को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस ऐतिहासिक खोज पर प्रसन्नता जताते हुए कलेक्टर ने श्रीफल और दक्षिणा अर्पित कर ग्रंथों का पूजन किया। उन्होंने इसे जिले की अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र धरोहर बताया।
खोज में शामिल प्रमुख पांडुलिपियां:
- अथ श्रीमद्भागवत गीता: लगभग 500 वर्ष पुरानी हस्तलिखित प्रति।
- अन्य धार्मिक ग्रंथ: 'लग्न चंद्रिका', 'अथश्रीभागवतमहात्म्य', 'यद्वादशमहावाक्य' और 'रामचंद्राय नमः' जैसे साहित्यिक व धार्मिक ग्रंथ।
जिला समन्वयक डॉ. राहुल गौतम के नेतृत्व में सर्वेक्षण टीम ने इन ग्रंथों को खोजा है, जिन्हें अब भविष्य के लिए डिजिटल रूप में सहेज लिया गया है।








