रायपुर में साइबर अपराधियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। अब ठगों ने शहर के प्रतिष्ठित रामकृष्ण केयर अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के नाम का सहारा लेकर लोगों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
यहाँ इस खबर की मुख्य बातें दी गई हैं:
कैसे दी जा रही है वारदात को अंजाम?
साइबर ठगों ने रामकृष्ण केयर अस्पताल के MD की फोटो और नाम का उपयोग करके एक फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाई है। इस प्रोफाइल के जरिए वे अस्पताल के कर्मचारियों, डॉक्टरों और शहर के अन्य गणमान्य व्यक्तियों को मैसेज भेज रहे हैं।
- तरीका: ठग मैसेज में खुद को MD बताते हुए किसी 'अर्जेंट काम' या 'मीटिंग में व्यस्त' होने का बहाना बनाते हैं।
- मांग: इसके बाद वे सामने वाले व्यक्ति से तुरंत पैसे ट्रांसफर करने या ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड खरीदने की मांग करते हैं।
सावधान रहें और ये कदम उठाएं
अगर आपके पास भी ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज आता है, तो घबराएं नहीं और निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- पहचान की पुष्टि करें: किसी भी बड़े अधिकारी या परिचित के नाम से पैसे मांगे जाने पर तुरंत उन्हें उनके पर्सनल नंबर पर फोन करके वेरिफिकेशन करें।
- अनजान नंबरों से बचें: अगर प्रोफाइल फोटो जानी-पहचानी है लेकिन नंबर नया है, तो वह 99% धोखाधड़ी का मामला हो सकता है।
- लिंक पर क्लिक न करें: ठग अक्सर पैसे मांगने के लिए पेमेंट लिंक या क्यूआर कोड भेजते हैं, उन पर कभी क्लिक न करें।
शिकायत कहाँ करें?
यदि आप या आपके आसपास कोई इस ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत कार्रवाई करें:
- हेल्पलाइन नंबर: राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- ऑनलाइन रिपोर्ट: www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- स्थानीय पुलिस: नजदीकी पुलिस स्टेशन या रायपुर साइबर सेल को मामले की सूचना दें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें! साइबर ठग आपकी जल्दबाजी और घबराहट का ही फायदा उठाते हैं।








