प्रेमिका और मासूम बेटी की हत्या: शादी से बचने युवक ने रची खौफनाक साजिश, हाईकोर्ट ने बरकरार रखी उम्रकैद
बिलासपुर। प्रेम संबंध और शादी के दबाव से बचने के लिए युवक द्वारा प्रेमिका और उसकी मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या करने के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए घटना को “बेहद क्रूर, अमानवीय और बर्बर” करार दिया।
मामले के अनुसार आरोपी युवक का महिला से लंबे समय से प्रेम संबंध था। महिला लगातार उस पर शादी का दबाव बना रही थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। उसने पहले प्रेमिका का गला रेतकर हत्या की और फिर घटना की गवाह बन सकती मासूम बच्ची को भी मौत के घाट उतार दिया।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस जांच में आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत मिले, जिसके आधार पर निचली अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आरोपी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी ने बेहद निर्ममता और सोची-समझी साजिश के तहत दो निर्दोष जिंदगियां खत्म कर दीं। अदालत ने माना कि यह समाज को झकझोर देने वाली घटना है और ऐसे अपराधों में नरमी नहीं बरती जा सकती। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी की उम्रकैद की सजा को यथावत रखा।








