सेवाकाल में राजपत्रित अधिकारी से वेतन वसूली नहीं की जा सकती: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सेवाकाल के दौरान किसी राजपत्रित अधिकारी से अधिक वेतन भुगतान के नाम पर वसूली नहीं की जा सकती। कोर्ट ने डीएसपी राजेश कुमार शर्मा के खिलाफ जारी रिकवरी आदेश को निरस्त करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वसूली गई राशि तत्काल उनके बैंक खाते में वापस जमा कराई जाए।
जानकारी के अनुसार, राजेश कुमार शर्मा पुलिस मुख्यालय रायपुर में डीएसपी पद पर पदस्थ थे। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक, गुप्तवार्ता रायपुर ने अधिक वेतन भुगतान का हवाला देते हुए उनके वेतन से राशि की रिकवरी का आदेश जारी किया था। विभागीय आदेश के बाद उनके वेतन से वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।
रिकवरी आदेश को चुनौती देते हुए डीएसपी शर्मा ने अधिवक्ता अभिषेक पांडेय के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि सेवाकाल में राजपत्रित अधिकारी से इस प्रकार की वसूली सुप्रीम कोर्ट के निर्धारित दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने रिकवरी आदेश को अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अधिकारी से वसूली गई राशि तत्काल वापस की जाए। कोर्ट के इस फैसले को सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








