NCR की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में संवरेगा SCR: राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण को हरी झंडी, CM साय होंगे अध्यक्ष

रायपुर | संवाददाता छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने राज्य के आर्थिक और शहरी परिदृश्य को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली-NCR की तर्ज पर प्रदेश में 'स्टेट कैपिटल रीजन' (SCR) योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अब रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग और भिलाई को मिलाकर एक एकीकृत (इंटीग्रेटेड) शहरी-आर्थिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जो मध्य भारत का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनेगा।

मुख्यमंत्री के हाथों में होगी मेगा प्रोजेक्ट की कमान

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के संचालन के लिए 'छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण' (CCRDA) का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं इस प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। हाल ही में विधानसभा में पारित विशेष अधिनियम के जरिए इस प्रोजेक्ट को वैधानिक दर्जा दिया गया है। सरकार का लक्ष्य इस पूरे क्षेत्र को एक विशाल औद्योगिक और व्यापारिक कॉरिडोर के रूप में तब्दील करना है।

2031 का विजन: 50 लाख की आबादी और मेट्रो का सफर

यह योजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। साल 2031 तक इस क्षेत्र की अनुमानित 50 लाख की आबादी के लिए आधुनिक परिवहन, स्मार्ट सिटी सुविधाएं और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी विशेषता मेट्रो रेल परियोजना होगी। सरकार ने रायपुर से दुर्ग के बीच मेट्रो परिचालन के सर्वे के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया है, जिससे कनेक्टिविटी की बाधाएं दूर होंगी।

अर्थव्यवस्था का बनेगा 'ग्रोथ इंजन'

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस मास्टर प्लान के लिए शुरुआती तौर पर 27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई पहली उच्चस्तरीय बैठक में मेट्रो की तकनीकी व्यवहार्यता और नए निवेश क्षेत्रों (इन्वेस्टमेंट जोन्स) की पहचान पर गहन चर्चा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए 'ग्रोथ इंजन' साबित होगा और रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा करेगा।

जागरण विशेष: योजना के मुख्य आकर्षण

  • एककीकृत विकास: रायपुर और दुर्ग-भिलाई के बीच की दूरी अब विकास के नक्शे पर खत्म होगी।
  • मेट्रो रेल: कॉरिडोर में तेज और सुगम यातायात के लिए मेट्रो का सपना होगा साकार।
  • बजटीय बैकअप: शुरुआती गतिविधियों के लिए फंड जारी, कागजों से निकलकर जमीन पर उतरी योजना।
  • भावी विजन: 2031 की चुनौतियों और बढ़ती आबादी के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण।