फेरीवालों की आड़ में 'काले नशे' का काला खेल: छत्तीसगढ़ में बाइक के सीक्रेट चेंबर से 2 करोड़ का गांजा बरामद
महासमुंद/धमतरी: छत्तीसगढ़ में नशे के सौदागरों ने तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला तरीका अपनाया है। महासमुंद और धमतरी जिलों में पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फेरीवाले बनकर कपड़ों की आड़ में गांजे की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने कुल 13 तस्करों को दबोचा है, जिनके पास से लगभग 1.90 करोड़ रुपये मूल्य का 378 किलो गांजा बरामद किया गया है।
लोहे के सीक्रेट बॉक्स में छिपा था 'मौत का सामान'
तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपनी बाइकों में विशेष बदलाव कराए थे। पिछली सीट पर लोहे के गुप्त चेंबर (सीक्रेट बॉक्स) बनाए गए थे, जिनके ऊपर कपड़ों के गट्ठर लाद दिए जाते थे। आरोपी बस्तियों में 'कपड़े ले लो' की आवाज लगाते हुए निकलते थे, ताकि किसी को शक न हो। तलाशी के दौरान जब पुलिस ने कपड़ों को हटाया, तो भीतर भारी मात्रा में गांजा देखकर दंग रह गई।
ओडिशा से एमपी-महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के शातिर तस्कर शामिल हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह खेप ओडिशा के बालिगुड़ा से लोड की गई थी और इसे मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में खपाने की तैयारी थी। महासमुंद पुलिस ने 5 बाइकों और 7 मोबाइल फोन के साथ 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं धमतरी में एक नाबालिग सहित 3 लोग पुलिस की गिरफ्त में आए हैं।
पुलिसिया चौकसी पर उठे गंभीर सवाल
इस बड़ी बरामदगी ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। धमतरी में तस्करों ने केरेगांव पहुँचने से पहले बोराई, सिहावा, नगरी और दुगली जैसे चार महत्वपूर्ण थानों की सीमाओं को पार किया। ऐसे में इन क्षेत्रों के सूचना तंत्र और चेकिंग पॉइंट्स की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी खेप बिना रोक-टोक के कैसे निकल गई।
प्रमुख गिरफ्तारियां:
- मध्यप्रदेश के आरोपी: मेताप टाटिया, रमेश चौहान, राजू कुमावत (बैतूल), प्रकाश बंजारा (रायसेन), मोहम्मद रिहान व मनोज सिंह (अनूपपुर)।
- महाराष्ट्र के आरोपी: चंद्रशेखर, जितेंद्र, विकास (नागपुर)।
- उत्तर प्रदेश: दीपक राजपूत (ललितपुर)।
पुलिस का पक्ष: अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा संगठित गिरोह है। पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड्स का पता लगाया जा सके। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।








