BJP राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दिखेगा छत्तीसगढ़ का दबदबा, इन 5 चेहरों को मिल सकती है जगह
रायपुर, जागरण संवाद केंद्र। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर सांगठनिक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। संभावना है कि इस माह के अंत तक पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा। इस बार दिल्ली की टीम में छत्तीसगढ़ का विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है, जहाँ से पाँच प्रमुख नेताओं को स्थान मिलने की चर्चा जोरों पर है।
शिव प्रकाश के दौरे से बढ़ी हलचल
संगठन को धार देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश 12 मई को छत्तीसगढ़ के प्रवास पर रहेंगे। अपने दौरे के दौरान वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के साथ मंथन करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लिए नामों पर अंतिम मुहर लगेगी।
इन दिग्गजों के नामों पर चर्चा
सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ से क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय पदेन सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। वहीं, अन्य पाँच सदस्यों के चयन पर माथापच्ची जारी है:
- प्रमुख दावेदार: पूर्व मंत्री और कोंडागांव विधायक लता उसेंडी को संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
- अन्य संभावित नाम: खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, बस्तर सांसद महेश कश्यप, पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह और भावना बोहरा के नामों की भी प्रबल चर्चा है।
- सियासी कयास: उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा को भी राष्ट्रीय टीम में शामिल कर पार्टी बड़ा संदेश देने की तैयारी में है।
रायपुर में दो दिवसीय बैठकों का दौर
राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 12 और 13 मई को बैठकों का मैराथन दौर चलेगा।
- 12 मई: शाम 6 बजे कोर कमेटी की बैठक और 7:30 बजे प्रदेश पदाधिकारियों के साथ विमर्श।
- 13 मई: सुबह 10 बजे प्रदेश कार्यसमिति की अहम बैठक।
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय के अनुसार, इन बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश का मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं को मिलेगा। आगामी चुनावी और सांगठनिक रणनीतियों के लिहाज से इन बैठकों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रमुख बदलाव जो इसे 'दैनिक जागरण' शैली बनाते हैं:
- शीर्षक: "दबदबा" और "चेहरे" जैसे शब्दों का प्रयोग।
- संवाद केंद्र: स्थानीय खबरों के लिए जागरण अक्सर 'संवाद केंद्र' या 'राज्य ब्यूरो' का प्रयोग करता है।
- सब-हेडिंग्स: खबरों को स्पष्ट भागों में बांटना ताकि पाठक मुख्य बिंदु तुरंत समझ सके।
- शब्दावली: "सुगबुगाहट", "मंथन", "मुहर", "प्रबल चर्चा" और "मैराथन दौर" जैसे ठेठ हिंदी पत्रकारिता के शब्दों का समावेश।








