छत्तीसगढ़ भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में दिग्गजों की दूरी, सियासी हलचल तेज
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में मंगलवार को आयोजित कोर ग्रुप की बैठक के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। बुधवार को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले हुई इस मंत्रणा में कई कद्दावर नेताओं की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल को बैठक का आमंत्रण न मिलना चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
वरिष्ठ नेताओं ने बनाई दूरी
सूत्रों के अनुसार, बैठक से दूरी बनाने वालों में केवल बृजमोहन अग्रवाल ही नहीं, बल्कि पुन्नूलाल मोहले, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, गौरीशंकर अग्रवाल और रेणुका सिंह जैसे दिग्गज नाम भी शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषक इन कद्दावर नेताओं की गैरमौजूदगी को संगठन के भीतर आगामी बड़े बदलावों के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने जताई अनभिज्ञता
अपनी उपेक्षा पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि उन्हें बैठक के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली से वापस आया हूं और अभी भी कोर ग्रुप का हिस्सा हूं। बैठक में शामिल न होने का एकमात्र कारण जानकारी का अभाव है।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राज्य गठन के समय से ही वे पार्टी की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च समिति (कोर ग्रुप) के सक्रिय सदस्य रहे हैं।
आमंत्रण देकर रोकने की चर्चा
सियासी गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि पहले बृजमोहन अग्रवाल के कार्यालय को बैठक की सूचना भेजी गई थी, किंतु बाद में दोबारा संपर्क कर उन्हें बैठक में न आने को कहा गया। इस विरोधाभासी घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर नए समीकरणों की ओर इशारा किया है।
संगठनात्मक फेरबदल के संकेत
पार्टी में लंबे समय तक प्रभावी भूमिका निभाने वाले चेहरों की इस महत्वपूर्ण बैठक से दूरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि भाजपा हाईकमान छत्तीसगढ़ में नई संगठनात्मक रणनीति पर काम कर रहा है, जिसके चलते आने वाले दिनों में कुछ बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, संगठन की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।








