कोरबा: 10 दिन में तीन युवकों ने ट्रेन से कटकर दी जान, एक शव की शिनाख्त अब भी पहेली
जासं, कोरबा: औद्योगिक नगरी कोरबा में आत्महत्या के मामलों ने पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 10 दिनों के भीतर जिले में अलग-अलग स्थानों पर तीन युवकों ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। इनमें से दो मृतकों की शिनाख्त हो चुकी है, जबकि एक युवक की पहचान 10 दिन बाद भी नहीं हो सकी है। इन हृदयविदारक घटनाओं के पीछे मुख्य रूप से पारिवारिक कलह, नशे की लत और मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) सामने आया है। पुलिस तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
पहली घटना: मां की डांट से क्षुब्ध होकर उठाया आत्मघाती कदम
पहली घटना उरगा थाना क्षेत्र के मड़वारानी के समीप करीब 10 दिन पूर्व घटित हुई। यहां रेलवे ट्रैक पर दमखांचा मड़वारानी निवासी 22 वर्षीय राज सिंह गोंड का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि परिजनों ने अपने बयान में जानकारी दी है कि राज नशे की हालत में घर में तोड़फोड़ कर रहा था। मां द्वारा फटकार लगाने पर वह तैश में आकर "घर से जा रहा हूं" कहकर निकला था। आशंका जताई जा रही है कि इसी आक्रोश में उसने ट्रेन के सामने छलांग लगा दी।
दूसरी घटना: 10 दिन बाद भी नहीं हुई पहचान, लावारिस के रूप में हुआ अंतिम संस्कार
दूसरी घटना सीएसईबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत टीपी नगर रेलवे फाटक के पास हुई, जहां एक अज्ञात युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस को मृतक के पास से केवल एक घर की चाबी मिली थी। 10 दिन का समय बीत जाने के बावजूद मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। अंततः, छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसायटी के सहयोग से सीएसईबी चौकी पुलिस ने पूरे विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार कर दिया। संस्था के जिलाध्यक्ष अविनाश कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी संस्था वर्ष 2016 से अब तक 500 से अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करवा चुकी है।
तीसरी घटना: मानसिक अवसाद के चलते जिंदगी से हारी जंग
तीसरी घटना बुधवार देर शाम कोतवाली थाना क्षेत्र में घटित हुई। यहां विद्युत संयंत्र की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक पर पानी टंकी (कोरबा) निवासी 25 वर्षीय अजय निषाद पुत्र सुखराम निषाद का शव मिला। परिजनों के मुताबिक, अजय पिछले कुछ समय से भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा था। उसने पूर्व में भी आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन इस बार वह अपनी जान देने में सफल हो गया। कोतवाली पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
विशेषज्ञों की राय: बढ़ता तनाव और नशा बन रहा कारण
जिले में ट्रेन से कटकर जान देने की इन लगातार घटनाओं ने सबको हैरान कर दिया है। मनोवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति के पीछे मुख्य रूप से बढ़ता मानसिक तनाव, मादक पदार्थों का सेवन और पारिवारिक विवाद जिम्मेदार हैं। समय रहते परिजनों को युवाओं के व्यवहार में हो रहे बदलावों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।








